Prem Me Pagii LadkiyaN ( kavya-Sangrah)

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Poet : Anita Anushri |

Print Length : 104 Pages |

Language : Hindi |

Publisher : Ira Publishers, Kanpur |

Edition : Paper Back/First /2021 |

Dimensions : 21.5×14×1 cm |

ISBN-10 : 81-952896-2-2 |

ISBN-13 : 978-81-952896-2-2

Product Description

अनिता अनुश्री की कविताओं को पढ़ना ज़िंदगी की तमाम हक़ीक़तों से रूबरू होने जैसा है। आपकी कविताओं में कहीं मासूम लड़कियों के प्रेम में पगे भोले मन का चित्रण है तो कहीं उनके भोलेपन को ठगे जाने का ज़िक्र और कहीं बलात् उनके शील हरण की घटनाओं के पश्चात उत्पन्न घोर पीड़ा एवं भय के मनोभावों के चित्रण के साथ ही समाज के दोहरे मापदण्डों एवं विद्रूपता को आपने बख़ूबी शब्दों के माध्यम से उभारा है। ऐसा नहीं कि अनिता जी ने अपनी रचनाओं में मात्र स्त्रियोचित भावों को ही स्थान दिया है वरन् अपने आस-पास की घटनाओं से उत्पन्न मनोभावों को भी उतनी ही संजीदगी से स्थान दिया है। इस पुस्तक में न केवल अनिता जी की रचनाएँ ही शामिल हैं बल्कि इसका आवरण पृष्ठ भी आपने ही डिज़ाइन किया है। हालाँकि आपकी यह पहली पुस्तक है मगर रचनाओं में ज़िंदगी के अनुभवों को आपने बेहद बारीक़ी से उतारते हुए अपनी रचनाधर्मिता का पूरे मनोयोग से निर्वाह किया है।

 

3 reviews for Prem Me Pagii LadkiyaN ( kavya-Sangrah)

  1. Brajesh Maurya

    Nice collection of various poems. Congratulations and keep it up.

    • Ira Publishers

      हार्दिक आभार आपका

  2. Dr Sandip Kumar Agrawal

    अनिता अनुश्री की कविताएं और कहानियां हमेशा जमीन से जुड़ी होती है और हमारे अपने बीच में चल रहे, समाज पर बीत रहे लम्हों का चित्रण होता है. इन की कविताएं और कहानियां मैं हमेशा पढ़ता हूं और हमेशा ही यह दिल को अंदर तक कहीं छू जाता है. लगता है कि यह तो अपने आसपास में हो रहा घटनाओं का सजीव चित्रण है. अनीता अनुश्री को ढेर सारा साधुवाद. उनकी नई रचना के लिए बधाइयां और शुभकामनाएं!

    • Ira Publishers

      हार्दिक आभार आपका

  3. Vivekanand Shree

    आपकी कविताओं को सुना हूँ। पढ़ने का अनुभव पहली बार होगा। यह अपने आप मे बहुत सुखद अनुभव है। ढेर सारी शुभकामनाएँ 💐💐💐

    • Ira Publishers

      हार्दिक आभार आपका

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