Tapti Jaaye Bhor

200

-12%

Editor : Aradhna Shukla |

Print Length : 120 Pages |

Language : Hindi |

Publisher : Ira Publishers |

Edition : Paper Back/First /2022 |

Dimensions : 21.5×14×1.5 cm |

ISBN-10 : 978-93-93705|

ISBN-13: 978-93-93705-11-2 |

 

 

 

Product Description

गीत कल, आज और आने वाले कल, सभी की बात करते हैं। वसुधैव कुटुम्बकम की की भावना को आत्मसात किये हुए एक घर के आँगन से लेकर, खेत-खलिहान और कंक्रीट की सड़कों तक इसकी चहलक़दमी है। इसकी सार्वभौमिकता इसकी विशेषता है । गीत सूखी हुयी शाख़ पर पहली कोंपल हैं, रेगिस्तान पर वर्षा की पहली बूँद हैं और अपनेपन को तरसते किसी व्याकुल मन के लिए सम्वेदना का पहला अश्रु हैं जो किसी भी सम्वेदनशील हृदय को भावनाओं से अभिसिक्त करने के लिए पर्याप्त हैं।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Tapti Jaaye Bhor”

Your email address will not be published.